Rated for Everyone
Everyone Image
Categories:

यौवन

Bookmark
HomePoetryयौवन

भोली है सूरत, नाजुक-सी तू गुड़िया     
नैनो के कटोरो मे, प्यार का दरिया            
काजल की डोर, बांधे मन हर-और          
भीनी मुस्कनिया, मन- मोहिनी छविया           

गुपचुप बतलाती, लगती शर्माती कोयलिया       
तेरे तन की खुशबू,              
जैसे महकी कही बगिया           
माथे की बिंदिया, खनकती पायलिया          
फूल के साथ, जैसे इतराती कलियाँ          

ऐसा सुंदर सुरूप यौवन तुम्हारा            
मेरे नैनो का तारा, मन व्याकुल हमारा    
तू आती ही रहना, अंग लगाती ही रहना           
मेघ से लिपटी जैसे इठलाती बिजुरिया

    0
    Copyright @ All rights reserved

    Post / Chapter Author

    More From Author

    Related Poems and Stories

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    You must be logged in to read and add your comments